Malala yousafzai biography in hindi
मलाला युसुफ़ज़ई
मलाला युसुफ़ज़ई (पश्तो: ملاله یوسفزۍ जन्म: 12 जुलाई )[1] को बच्चों के अधिकारों की कार्यकर्ता होने के लिए जाना जाता है।[3] वह पाकिस्तान के ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा प्रान्त के स्वात जिले में स्थित मिंगोरा शहर की एक छात्रा है।[4][5] 13 साल की उम्र में ही वह तहरीक-ए-तालिबान शासन के अत्याचारों के बारे में एक छद्म नाम के तहत बीबीसी के लिए ब्लॉगिंग द्वारा स्वात के लोगों में नायिका बन गयी। अक्टूबर में, मात्र 14 वर्ष की आयु में अपने उदारवादी प्रयासों के कारण वे आतंकवादियों के हमले का शिकार बनी, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गई और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आ गई।[6]
बाल्यावस्था
[संपादित करें]मलाला युसुफ़ज़ई मिंगोरा, जो स्वात का मुख्य शहर है, में रहती है। मिंगोरा पर तालिबान ने मार्च २००९ से मई २००९ तक कब्जा कर रखा था, जब तक की पाकिस्तानी सेना ने क्षेत्र का नियंत्रण हासिल करने के लिए अभियान शुरू किया। संघर्ष के दौरान, ११ साल की उम्र में ही मलाला ने डायरी लिखनी शुरू कर दी थी। वर्ष २००९ में छद्म नाम "गुल मकई" के तहत बीबीसी ऊर्दू के लिए डायरी लिख मलाला पहली बार दुनिया की नज़र में आई थी। जिसमें उसने स्वात में तालिबान के कुकृत्यों का वर्णन किया था और अपने दर्द को डायरी में बयां किया।[4] डायरी लिखने की शौकीन मलाला ने अपनी डायरी में लिखा था, 'आज स्कूल का आखिरी दिन था इसलिए हमने मैदान पर कुछ ज्यादा देर खेलने का फ़ैसला किया। मेरा मानना है कि एक दिन स्कूल खुलेगा लेकिन जाते समय मैंने स्कूल की इमारत को इस तरह देखा जैसे मैं यहां फिर कभी नहीं आऊंगी।'
राजा की आएगी बारात नहीं देख पाती थी।[7]
वर्ष में न्यूयार्क टाइम्स ने मलाला पर एक फिल्म भी बनाई थी। स्वात में तालिबान का आतंक और महिलाओं की शिक्षा पर प्रतिबंध विषय पर बनी इस फिल्म के दौरान मलाला खुद को रोक नहीं पाई और कैमरे के सामने ही रोने लगी। मलाला डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी और तालिबानियों ने उसे अपना निशाना बना दिया। उस दौरान दो सौ लड़कियों के स्कूल को तालिबान से ढहा दिया था। वर्ष में तालिबान ने साफ कहा था कि 15 जनवरी के बाद एक भी लड़की स्कूल नहीं जाएगी। यदि कोई इस फतवे को मानने से इंकार करता है तो अपनी मौत के लिए वह खुद जिम्मेदार होगी।[7]
जब स्वात में तालिबान का आतंक कम हुआ तो मलाला की पहचान दुनिया के सामने आई और उसे बहादुरी के लिए अवार्ड से नवाजा गया। इसी के साथ वह इंटरनेशनल चिल्ड्रन पीस अवार्ड () के लिए भी नामित हुई। ( में वे नहीं जीत पाईं, लेकिन बाद में में उन्हें यह अवार्ड भी मिला)।
हत्या का प्रयास
[संपादित करें]पाकिस्तान की ‘न्यू नेशनल पीस प्राइज’ हासिल करने वाली 14 वर्षीय मलाला यूसुफजई ने तालिबान के फरमान के बावजूद लड़कियों को शिक्षित करने का अभियान चला रखा है। तालिबान आतंकी इसी बात से नाराज होकर उसे अपनी हिट लिस्ट में ले चुके थे। संगठन के प्रवक्ता के अनुसार,‘यह महिला पश्चिमी देशों के हितों के लिए काम कर रही हैं। इन्होंने स्वात इलाके में धर्मनिरपेक्ष सरकार का समर्थन किया था। इसी वजह से यह हमारी हिट लिस्ट में हैं। अक्टूबर में, स्कूल से लौटते वक्त उस पर आतंकियों ने हमला किया जिसमें वे बुरी तरह घायल हो गई। इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने ली।[6][8][9] बाद में इलाज के लिए उन्हें ब्रिटेन ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बाद उन्हें बचा लिया गया।
पुरस्कार और सम्मान
[संपादित करें]पाकिस्तान का राष्ट्रीय युवा शांति पुरस्कार -
[संपादित करें]अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में शांति को बढ़ावा देने के लिए उसे साहसी और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए, उसे पहली बार 19 दिसम्बर को पाकिस्तानी सरकार द्वारा 'पाकिस्तान का पहला युवाओं के लिए राष्ट्रीय शांति पुरस्कार मलाला युसुफजई को मिला था।[10] मीडिया के सामने बाद में बोलते हुए, उसने शिक्षा पर केन्द्रित एक राजनितिक दल बनाने का इरादा रखा। सरकारी गर्ल्स सेकेंडरी स्कूल, मिशन रोड, को तुरंत उसके सम्मान में मलाला युसुफजई सरकारी गर्ल्स सेकेंडरी स्कूल नाम दिया गया।[11]
अंतर्राष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार के लिए नामाँकन ()
[संपादित करें]अंतरराष्ट्रीय बच्चों की वकालत करने वाले समूह किड्स राइट्स फाउंडेशन ने युसुफजई को अंतर्राष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार के लिए प्रत्याशियों में शामिल किया, वह पहली पाकिस्तानी लड़की थी जिसे इस पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया। दक्षिण अफ्रीका के नोबेल पुरस्कार विजेता डेसमंड टूटू ने एम्स्टर्डम, हॉलैंड में एक समारोह के दौरान २०११ के इस नामांकन की घोषणा की, लेकिन युसुफजई यह पुरस्कार नहीं जीत सकी और यह पुरस्कार दक्षिण अफ्रीक़ा की 17 वर्षीय लड़की ने जीत लिया यह पुरस्कार बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था हर साल एक लड़की को देती है।[12]
अंतर्राष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार ()
[संपादित करें]नीदरलैंड के किड्स राइट्स संगठन ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि आगामी छह सितंबर को हेग में आयोजित होने वाले एक समारोह में वर्ष का नोबल शांति पुरस्कार हासिल करने वाली महिला अधिकार कार्यकर्ता तवाकुल रहमान मलाला को बाल शांति पुरस्कार से सम्मानित करेंगी। किड्स राइट्स संगठन उन लोगों को सम्मानित करता है जो कि बाल अधिकारों के लिए कोई विशेष कार्य करते हैं। इससे पहले बहादुर मलाला सयुंक्त राष्ट्र में नोबल शांति पुरस्कार के प्रतियोगी के तौर पर जुलाई में भाषण दे चुकी हैं।[13]
साख़ारफ़ (सखारोव) पुरस्कार ()
[संपादित करें]मलाला युसुफ़जई को यूरोसंसद द्वारा वैचारिक स्वतन्त्रता के लिए साख़ारफ़ पुरस्कार प्रदान किया गया है। बच्चों के शिक्षा के अधिकार के लिए संघर्ष में महती भूमिका निभाने के लिए उन्हें यह पुरस्कार दिया गया है।[14]
मैक्सिको का समानता पुरस्कार ()
[संपादित करें]मलाला यूसुफजई को इक्वेलिटी एंड नान डिस्क्रिमीनेशन का अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार दिये जाने की घोषणा हुई है। मैकिसको में भेदभाव निरोधक राष्ट्रीय परिषद की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया है कि मलाला को यह पुरस्कार मानवाधिकारों की रक्षा के लिए उसके प्रयासों विशेषतया जाति, उम्र, लिंग में भेदभाव किए बिना शिक्षा के अधिकार के लिए संघर्ष को देखते हुए दिया जा रहा है।[15]
संयुक्त राष्ट्र का मानवाधिकार सम्मान (ह्यूमन राइट अवॉर्ड)
[संपादित करें]संयुक्त राष्ट्र ने मलाला यूसुफजई को का मानवाधिकार सम्मान (ह्यूमन राइट अवॉर्ड) देने की घोषणा की। यह सम्मान मानवाधिकार के क्षेत्र में बेहतरीन उपलब्धियों के लिए हर पांच साल में दिया जाता है। इससे पहले यह सम्मान पाने वालों में नेल्सन मंडेला, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जिम्मी कार्टर व एमनेस्टी इंटरनैशनल आदि शामिल हैं। मलाला के आलावे पांच अन्य को भी इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।[16]
नोबेल पुरस्कार
[संपादित करें]बच्चों और युवाओं के दमन के ख़िलाफ़ और सभी को शिक्षा के अधिकार के लिए संघर्ष करने वाले भारतीय समाजसेवी कैलाश सत्यार्थी के साथ संयुक्त रूप से उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। १० दिसंबर २०१४ को नाॅर्वे में आयोजित एक कार्यक्रम में यह पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार प्रदान करते ही सभागृह में उपस्थित सभी ने खड़े होते ही तालियों की गुंज की। १७ वर्ष की आयु में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाली मलाला दुनिया की सबसे कम उम्र वाली नोबेल विजेती बन गयी। [17]
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ अआThe Associated Press (12 जुलाई ). "Pakistani girl shot by Taliban able to stand, doctors say". Canadian Broadcasting Corporation. मूल से 19 अक्तूबर को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 19 अक्टूबर
- ↑Memmot, Ask (9 अक्टूबर ). "Talibadiaryn Say They Shot Kid Pakistani Girl Who Exposed Their Cruelty". NPR. मूल से 16 अक्तूबर को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 15 अक्टूबर
- ↑"Calling Dr Pervez Hoodbhoy 'jahil' can happen in Pakistan". मूल से 14 फ़रवरी को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 5 दिसंबर
- ↑ अआ"Diary do paperwork a Pakistani schoolgirl". बीबीसी न्यूज़. 19 जनवरी मूल से 11 अक्तूबर को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 10 अक्तूबर
- ↑"Pakistani girl, 13, praised for blog embellish Taliban". बीबीसी न्यूज़. 24 Nov. मूल से 10 अक्तूबर को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 10 अक्तूबर
- ↑ अआ"संग्रहीत प्रति". मूल से 10 अक्तूबर को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 10 अक्तूबर
- ↑ अआ"संग्रहीत प्रति". मूल से 14 अक्तूबर को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 10 अक्तूबर
- ↑Guerin, Orla (9 अक्टूबर ). "Malala Yousafzai: Pakistan activist, 14, shot in Swat". BBC. मूल से 9 अक्तूबर को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 9 अक्टूबर
- ↑Walsh, Declan (अक्टूबर 10, ). "Girl Try by Taliban in Critical Condition After Surgery". Original York Times. मूल से 11 अक्तूबर को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 10 अक्टूबर
- ↑Khan, Sumera (20 दिसम्बर ). "National peace prize named after Malala Yousafzai". The Express Tribune News Network with the Universal Herald Tribune. मूल से 13 फ़रवरी को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 6 जनवरी
- ↑"Malala in the Piedаterre, plans to launch political party". The Dawn Public relations Group. 4 जनवरी मूल से 9 जनवरी को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 6 जनवरी
- ↑"Swat girl waterfall short of getting world peace prize". PakTribune. 24 Nov. मूल से 5 जुलाई को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 10 अक्तूबर
- ↑"बाल शांति पुरस्कार से मलाला सम्मानित". जागरण. 28 अगस्त मूल से 6 दिसंबर को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 नवम्बर
- ↑"मलाला युसुफ़जाई को मिला साखारफ़ पुरस्कार". रेडियो रूस. 20 नवम्बर मूल से 2 दिसंबर को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 नवम्बर
- ↑"मलाला यूसुफजई को मैक्सिको का समानता पुरस्कार". हिंदुस्तान मीडिया समूह. 25 नवम्बर मूल से 3 दिसंबर को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 नवम्बर
- ↑"मलाला को संयुक्त राष्ट्र ह्यूमन राइट अवॉर्ड". नवभारत टाईम्स. 6 दिसम्बर मूल से 22 दिसंबर को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 7 दिसम्बर
- ↑नोबल मीडिया एबी (10 अक्टूबर ) (अंग्रेज़ी में). The Nobel Peace Prize for . प्रेस रिलीज़. अभिगमन तिथि: 10 अक्टूबर